Bilaspur Crime: 55 किलो गांजा कांड की कथित महिला सरगना ओडिशा से गिरफ्तार, ट्रेन से चलता था नेटवर्क
ट्रेन से गांजे की खेप पहुंचाने का आरोप; पहले पकड़े गए 4 आरोपियों से पूछताछ में खुला नेटवर्क, कई राज्यों तक कनेक्शन की जांच

बिलासपुर, 8 अक्टूबर 2026: बिलासपुर में गांजा तस्करी के एक बड़े मामले की जांच में जीआरपी पुलिस को अहम सफलता मिली है। पुलिस ने करीब 55 किलो 150 ग्राम गांजे की तस्करी से जुड़े कथित नेटवर्क की महिला संचालक अनुपमा मोहंती को ओडिशा के संबलपुर से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, महिला पर तस्करी के नेटवर्क को संचालित करने में भूमिका होने का आरोप है।
मामले की जांच करीब तीन महीने पहले उस समय शुरू हुई, जब जीआरपी ने गांजा तस्करी के आरोप में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ और जांच के दौरान पुलिस को तस्करी के नेटवर्क से जुड़े कई अहम सुराग मिले।
इन्हीं सुरागों के आधार पर जांच आगे बढ़ी और पुलिस कथित तौर पर नेटवर्क के मुख्य संचालकों तक पहुंची। इसके बाद ओडिशा के संबलपुर में कार्रवाई कर अनुपमा मोहंती को गिरफ्तार किया गया।
ट्रेन बना तस्करी का जरिया?
जीआरपी की जांच के अनुसार, गांजे की खेप को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए रेल मार्ग का इस्तेमाल किया जाता था। पुलिस का दावा है कि युवकों को कमीशन का लालच देकर कैरियर के तौर पर इस्तेमाल किया जाता था। इस नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे और गांजे की खेप किन रास्तों से बिलासपुर तक पहुंचती थी, इसकी जांच अभी जारी है।
कई राज्यों तक फैला नेटवर्क, सप्लाई चेन खंगाल रही पुलिस
पुलिस के मुताबिक, अब तक की जांच में तस्करी के नेटवर्क के कई राज्यों तक फैले होने के संकेत मिले हैं। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि गांजे की सप्लाई कहां से होती थी, किसके जरिए खेप भेजी जाती थी और इसे किन शहरों तक पहुंचाया जाता था।पुलिस नेटवर्क में शामिल अन्य संदिग्धों की भूमिका भी खंगाल रही है।
अनुपमा से पूछताछ में खुलेंगे नेटवर्क के राज?
अनुपमा मोहंती की गिरफ्तारी के बाद अब जीआरपी की जांच का फोकस तस्करी की पूरी चेन पर है। पुलिस उससे पूछताछ कर नेटवर्क के अन्य सदस्यों, सप्लायर, कैरियर और गांजे की डिलीवरी से जुड़े लोगों की जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है।
55 किलो से ज्यादा गांजे की तस्करी के इस मामले में आगे और गिरफ्तारियां होती हैं या नहीं, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। पुलिस के आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के परिणाम पर निर्भर करेगी।
